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लोकपाल विरोधी कलाम.....

Posted On: 3 May, 2012 Others में

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पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने झारखंड में ‘वाट कैन आई गिव’ मिशन की शुरुआत के लिए आयोजित कार्यक्रम में एक वक्तव्य दिया कि …

लोकपाल कानून से सिर्फ जेलें भरेंगी, करप्शन खत्म नहीं होगा…..
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खात्मे की शुरुआत सिर्फ घर से हो सकती है…….
तथा बच्चे और नौजवान इसकी शुरुआत करके देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कर सकते हैं…..

और मीडिया व अन्य लोकपाल के विरोधियों ने इसे कुछ इस तरह पेश कर दिया है कि मानो कलाम साहब लोकपाल के खिलाफ हों….
उनका वक्तव्य साफ है….
गौर किया जाए तो उन्होने लोकपाल की ताकत को बताया है, जब वो कहते हैं की इस कानून से सिर्फ जेल भरेंगी तो स्पष्ट हो जाता है की वो ये कह रहे है की इस लोकपाल से भ्रष्ट लोग जेल जाएंगे और हिंदुस्तान मे भ्रष्टों की संख्या इतनी है की सभी जेलें भर जाएंगी…..

ये हम भी जानते है की अपराध कानूनों से खत्म नहीं होते…. उसके लिए हमें नैतिक बनना होगा….
और यही सीख वो बच्चों के दे रहे थे… इसमें उनके द्वारा लोकपाल का विरोध तो कहीं स्पष्ट ही नहीं होता है….
न जाने क्यों हर बयान को राजनीती बना देना हमारे मीडिया व नेताओं की आदत बन चुकी है…
और अफसोस की बुद्धिजीवी वर्ग भी इस से अछूता नहीं है…..

अच्छी बात करने से कहीं जरूरी है किसी की कही अच्छी बात को ठीक ठीक समझना……. जो अधिक जरूरी है……….

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5 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Jenelle के द्वारा
July 12, 2016

AFAIC thta’s the best answer so far!

akraktale के द्वारा
May 5, 2012

पियूष जी सादर नमस्कार, डॉ. कलाम ने सही ही कहा है की एक सख्त क़ानून जब काम करेगा तो सारी जेलें भर जायेंगी क्योंकि हमारे देश में हर जगह भ्रष्टाचार व्याप्त है किन्तु उनकी यह बात समझ से परे है कि हम स्वयं सुधरें क्योंकि ऐसा होना होता तो देश कब का सुधर चुका होता. ये वही मिसाल हुई कि हिंदी को राष्ट्रभाषा बना देंगे जब तमिल लोग हिंदी सीख जायेंगे और आज चौसठ वर्ष बीत जाने पर भी हम वहीँ खड़े हैं.

May 4, 2012

भाई आपकी बात सही हैं..लेकिन यहाँ सच्चाई का समर्थन कौन करता है…..यदि इस देश में कोई सच बोलता है तो जाति और धर्म पर जाते हुए सीधे उसे समाज द्रोही और देश द्रोही कहा जाता है…..आपके इस साहस भरे आलेख के लिए हार्दिक आभार.

k p nanda के द्वारा
May 4, 2012

सर लेट थे जैलस बे फिल्लेद उप विथ कोर्रुप्त पोपले. विथ थिस ,अत्लेअस्त थे कासं नोट एन्जॉय थिएर कोर्रुप्त मोनी.आईटी विल देफिनितेली गेनेराते सेन्से ऑफ़ फ़ार अमोंग्स्य ओठेर्स. सो लोक्बिल्ल must

dineshaastik के द्वारा
May 4, 2012

कलाम साहब ने जो कहा है सटीक  कहा है, उन्होंने अप्रत्यक्ष  रूप  से  लोकपाल  का समर्थन  किया है। कनून  का डर  ही व्यक्ति या समाज को सुधरने के लिये विवश  करता है।


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