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कल आएगा क्या..?

Posted On: 15 Sep, 2012 Others में

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अभी कुछ देर पहले ही वो लौटा था,
घर पर आया तो कल की फिक्र में था,
उसके घर आने के इंतज़ार में,
बच्चे दिन से बैठे थे,
पर वो उनसे बात भी न कर सका,
क्योंकि वो कल की जल्दी में था,
.
कल की तैयारी भी कर ली थी रात ही से उसने,
जैसे वक्त बिलकुल भी नहीं हो पास उसके,
कल उसको सुबह ज़रा जल्दी निकालना था,
किसी से मुलाक़ात थी, कारोबार के सिलसिले में,
वक्त मुकर्रर था, जगह भी तय थी मुलाक़ात की,
.
सुबह के लिए कुछ कपड़े भी निकले उसने,
अपने कागजों को पढ़ा और जांचा उसने,
बच्चे कुछ पूछने आए तो वो झल्ला कर बोला,
कल को आना तो बताऊंगा अभी जल्दी है,
बच्चे हैरान थे, की आखिर वो कल कब आएगा,
यही दिनचर्या के वो आदि थे जबसे होश संभाला था,
.
सोने से पहले एक आखरी बार उसने,
दीवार पर टंगी घड़ी से अपनी घड़ी को जांचा,
सुबह हुई, सूरज भी निकला,
वो दीवार घड़ी अब भी समय बता रही थी सही,
वो कपड़े, वो कागज अब भी ज्यों के त्यों पड़े थे,
जो उस मेज पर कल रात उसने रखे थे,
.
सब कुछ वही था, कुछ भी तो नहीं बदला था,
ये वही सुबह थी जिसका उसे इंतज़ार था बेसब्री से,
वो सुबह जिसका उसने बेसब्री से इंतज़ार किया,
वो सुबह रूठ जाएगी उससे, उसने सोचा भी नहीं था….
.
वो आदमी जिससे उसे मिलना था, वो वही हैं,
वो जगह जो मुकर्रर थी वो वहीं है,
कुछ भी तो नहीं बदला उस एक रात में,
बस एक वो ही चला गया,
.
जिसे उस रात में भी इस कल का ही इंतज़ार था,
वो कल जो आया तो सही,
पर जिसने बीती रात बिता दी यूं ही कल की तमन्ना में,
वो आज खुद एक कल बन कर ही रह गया………
.
.

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356 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Lakisha के द्वारा
July 11, 2016

In the coaplicmted world we live in, it’s good to find simple solutions.

Tufail A. Siddequi के द्वारा
September 19, 2012

पियूष भाई सादर अभिवादन, बहुत सुन्दर कविता. आम आदमी की जिंदगी का फलसफा बयां करती. या फिर यूँ कहें की जिंदगी की यही हकीकत है. जिस कल के चक्कर में हम पूरी जिंदगी बिता देते हैं, वह कभी आता ही नहीं. ये सच है की यदि कुछ हमारे पास है, तो वह केवल और केवल आज है. एक बार फिर से बहुत बधाई. -आपका तुफैल http://siddequi.jagranjunction.com

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
September 19, 2012

सरल व सहज भाषा में बड़ी ही उत्कृष्ट और ऊँची बात कह डाली ! भाई पन्त जी ! बधाई !पुनश्च !!

R K KHURANA के द्वारा
September 18, 2012

प्रिय पियुष जी, कहते है कल नाम काल का ! इस प्रकार कल तो आता ही नही है ! अच्छी प्रस्तुती ! राम कृष्ण खुराना

jagojagobharat के द्वारा
September 18, 2012

बहुत सुन्दर rachna

annurag sharma(Administrator) के द्वारा
September 18, 2012

जिसे उस रात में भी इस कल का ही इंतज़ार था, वो कल जो आया तो सही, पर जिसने बीती रात बिता दी यूं ही कल की तमन्ना में, वो आज खुद एक कल बन कर ही रह गया………बहुत अच्छे पीयूष जी बहुत खूब रचना की है

    Janaya के द्वारा
    July 12, 2016

    Hola Miguel!Al final ha funcionado! :) Resulta que era un tema de cooaficici&dacute;n de los subtítulos, pero ya está resuelto. Muchas gracias!!!Una pregunta más: dices que se puede conectar por wifi para cargar películas con el AVplayerHD? O recomiendas cargar las películas en el dropbox y, desde el ipad, cargarlas al AVplayerHD?Gracias otra vez! Te ha gustado este comentario? Vótalo! 0  0

yogi sarswat के द्वारा
September 18, 2012

सब कुछ वही था, कुछ भी तो नहीं बदला था, ये वही सुबह थी जिसका उसे इंतज़ार था बेसब्री से, वो सुबह जिसका उसने बेसब्री से इंतज़ार किया, वो सुबह रूठ जाएगी उससे, उसने सोचा भी नहीं थ जीवन का फलसफा और हकीकत दिखाती पंक्तियाँ खूबसूरत अंदाज़ में लिखी हैं आपने पन्त साब !

    Cindy के द्वारा
    July 12, 2016

    Chip Cookie Bars from Lori!! Picky Palate Surprise Baby Shower Bloggers Amanda: i am baker Special Cake for a “Picky Palate” Amanda: Kevin and Amanda Cinnamon Blueberry Biscoff Breakfast Cookies Anl:bi Bakerelga Baey

yamunapathak के द्वारा
September 17, 2012

ओह!बेहद संवेदनशील रचना ये अजाब इतिफाक है की इसी विषय पर मैंने कुछ दिन पूर्व ही ब्लॉग लिखा है और रेखा जी ने भी. यह बहुत सच है की जीवन को इसी क्षण जी लिया जाए.अपने आस-पास जितनी खुशियाँ बिखेर सकें उसमें कमी नहीं करनी चाहिए वरना कल ????????????

chaatak के द्वारा
September 17, 2012

आम आदमी पूरी जिन्दगी जीवन जीने की तैयारियाँ करते काट देता है, कल जी लूँगा के चक्कर में सबकुछ करता है और कभी जी नहीं पाता, वो कल कभी नहीं आता!

    Millie के द्वारा
    July 12, 2016

    These boots are so fabulous! Would LOVE them for the spring season! My FB name is Catherine Chen. I also followed both MouCrultove and ShoeTease on Twitter and tweeted about the giveaway!

akraktale के द्वारा
September 16, 2012

आदरणीय पियूष जी सादर, बहुत ही उम्दा रचना. इंसान को पल कि खबर नहीं रहती और वह सपने संजोता है सदियों के. बहुत ही सुन्दर भावों को उकेरा है आपने. बधाई स्वीकारें.


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